Sat. Jan 17th, 2026

NEWS BHARTI BIKANER .COM बीकानेर. नवरात्रि पर्व पर नगर सेठ लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर रामलीला मैदान में चल रही संगीतमय रामलीला में छठी रात्रि शनिवार काे सीता हरण का मंचन हुअा। कलाकाराें की प्रस्तुति देख दर्शक भाव विभाेर हाे गए।
सूर्पनखा नाक-कान कटने के बाद दरबार में पहुंचकर भाई रावण को व्यथा सुनाती है। रावण क्रोधित होकर मामा मारीच की सहायता से सीता हरण की योजना बनाता है। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी में आता है। सीता माता श्रीराम से मृग लाने का आग्रह करती हैं। मारीच को तीर लगने पर वह श्रीराम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। लक्ष्मण रेखा खींचकर जाते हैं। इसी दौरान साधु वेश में रावण सीता का हरण कर लेता है। जटायु सीता की रक्षा के लिए रावण से युद्ध करता है और घायल हो जाता है। श्रीराम को घायल जटायु सीता हरण की जानकारी देता है।
संस्थान के अध्यक्ष गिरीराज जोशी ने बताया कि लीला का शुभारंभ भगवान गणेश की आरती से हुअा। मुख्य अतिथि समाजसेवी देवकिशन चांडक, भगवान अग्रवाल व मुकेश आलडिया थे। अध्यक्ष जाेशी ने बताया कि सीता
राम को सुंदर मृग लाने के लिए कहती है। राम जब हिरण को पकड़ने के लिए पीछे दाैड़ते है। फिर राम जोर-जोर से आवाज लगाते हैं भैय्या लक्ष्मण बचाओ। तब सीता माता लक्ष्मण जाओ तुम्हें तुम्हारे भैय्या आवाज दे रहे हैं। तभी रावण गेट पर अाकर भिक्षा मांगने लगता है। माता सीता लक्ष्मण रेखा काे पार कर भिक्षा देने के लिए अाती है। तभी रावण सीता माता का हरण कर ले जाता है। संस्थान के उपाध्यक्ष मक्खन जोशी ने बताया कि लीला में किरदार की भूमिका में गणेश ललित रावण, कैलाश भादाणी राम, गिरीराज जोशी ललन लक्ष्मण, जितेश पुरोहित सीता, प्रशांत आचार्य नकटी सूर्पनखा, रवि जोशी सुन्दरी सूर्पनखा, गिरीराज जोशी सबरी, अभिराम दत गौड़ मृग, गोपाल व्यास मेघनाथ आदि ने मंचन किया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *